Publication Policy – Swatantra Prakashan Private Limited
At Swatantra Prakashan Private Limited, our publication policy is guided by transparency, creativity, and author empowerment. We believe every writer deserves a fair platform to share their ideas with the world, and our mission is to make the publishing process ethical, efficient, and accessible.
Our policy ensures:
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Author Rights & Ownership: Authors retain complete ownership of their creative work. We publish under self, co, or hybrid models, ensuring full transparency in contracts and royalties.
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Quality & Integrity: Each manuscript undergoes professional editing, design, and quality checks to maintain publishing standards of excellence.
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Ethical Publishing: We do not publish content that promotes hate, discrimination, plagiarism, or misinformation.
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Fair Pricing & Accessibility: Our pricing structure is designed to support both emerging and established authors while ensuring wide distribution through online and offline channels.
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Promotion & Distribution: We actively promote books through our official platforms, book fairs, and partnerships with major e-commerce sites to maximize visibility.
Swatantra Prakashan is committed to building a literary ecosystem that respects creativity, values authenticity, and brings meaningful literature to readers everywhere.
स्वतंत्र प्रकाशन में आपका स्वागत है।
आइए जानते हैं कि क्या है स्वतंत्र प्रकाशन समूह की प्रकाशन
नीति! यह नीति 24 अगस्त 2023 को घोषित की गई थी और अगली घोषणा तक प्रभावी है। यह प्रकाशन नीति स्वतंत्र प्रकाशन
प्राइवेट लिमिटेड के आधिकारिक वेबसाइट
www.swatantraprakashan.com पर भी ऑनलाइन उपलब्ध है।
सबसे पहले बात
करते हैं प्रकाशन योजनाओं की, जो तीन प्रकार की
हैं:
पहली प्रकाशन योजना।
निःशुल्क पुस्तक प्रकाशन योजना यानि फ्री बुक पब्लिकेशन स्कीम।
इस प्रकाशन योजना के तहत नवोदित, युवा या आर्थिक रूप से कमजोर लेखकों की पांडुलिपियों का प्रकाशन और वितरण पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है। यह योजना हर साल मई महीने में घोषित होती है, और पांडुलिपियों को भेजने की अंतिम तिथि उसी वर्ष की 30 अक्टूबर होती है। इस योजना में चयन समिति द्वारा चुनी गई पांडुलिपियों का शुल्क रहित प्रकाशन और वितरण किया जाता है तथा लेखकीय प्रतियाँ मानार्थ दी
जाती हैं। अतिरिक्त प्रतियों की खरीद पर लेखक को अधिकतम विक्रय मूल्य पर पचास प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाती है, जिसमें डाकखर्च शामिल नहीं होता है। इस योजना में सोशल मीडिया प्रोमोशन या ऑफलाइन मार्केटिंग शामिल नहीं होती; यदि लेखक चाहें, तो अतिरिक्त सेवाएँ प्रकाशक की सहायता से
ले सकते हैं।
दूसरी प्रकाशन योजना।
पारंपरिक प्रकाशन या ट्रेडिशनल पब्लिकेशन।
इस योजना के तहत
प्रकाशन व वितरण का खर्च प्रकाशक द्वारा वहन किया जाता है। बिक्री पर लेखक को अनुबंध के अनुसार रॉयल्टी मिलती है, जो समान्यतः बिकने वाली किताबों के अधिकतम विक्रय मूल्य की दस प्रतिशत होती है। इस योजना में प्रकाशन प्रक्रिया 30 दिनों से लेकर 300 दिनों तक हो सकती है। यदि इस अवधि के बाद भी पुस्तक प्रकाशित नहीं होती, तो लेखक अपनी पांडुलिपि अन्यत्र भेज सकते
हैं।
तीसरी प्रकाशन
योजना।
स्वयं प्रकाशन, या हाइब्रिड पब्लिशिंग, या मेन्टर्ड सेल्फ-पब्लिशिंग।
इस योजना में लेखक अपने खर्च पर पुस्तक प्रकाशित करवाते हैं, जबकि प्रकाशक एक पेशेवर सेवादाता की भूमिका को निभाते हुए संपादन, अपनी विशेषज्ञता के अनुसार आकर्षक आवरण डिज़ाइनिंग, बुक टाइप सेटिंग, फॉर्मेटिंग, सम्पादन, मूल्य निर्धारण, वितरण आदि की सेवाएँ प्रदान करता है। इस मॉडल में लेखक के पास प्रकाशन प्रक्रिया से जुड़े फैसले
लेने का और उसपर नियंत्रण रखने का अधिकार होता है, साथ ही साथ लेखक पुस्तक
से हुए लाभ के हकदार भी होते हैं।
तो ये थी स्वतंत्र प्रकाशन समूह के प्रकाशन योजनाओं की जानकारी। अगर आप लेखक हैं और प्रकाशन के विकल्प देख रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए अवश्य ही बहुत उपयोगी हो सकती है।
पाण्डुलिपि भेजने से जुड़ी विस्तृत जानकारी, रॉयल्टी, वितरण, कॉपीराइट, मूल्य निर्धारण, प्रकाशन प्रक्रिया आदि से संबन्धित के नियम या विस्तृत जानकारी के लिए आप स्वतंत्र प्रकाशन के वेबसाइट www.swatantraprakashan.com पर विजिट करें